बिहार बोर्ड कक्षा 10 वी राजनीति विज्ञान- लोकतंत्र की चुनौतियाँ की NCERT Book
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बिहार बोर्ड कक्षा 10 वी राजनीति विज्ञान - अध्याय 5: लोकतंत्र की चुनौतियाँ की NCERT Book

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"लोकतंत्र की चुनौतियाँ" विषय लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में उत्पन्न होने वाली मुख्य समस्याओं और अवरोधों पर ध्यान केंद्रित करता है। हालांकि लोकतंत्र का उद्देश्य समानता, स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित करना है, लेकिन कई बार यह व्यवस्था अपनी चुनौतियों से जूझती है। यह अध्याय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का विश्लेषण करता है और लोकतंत्र के सशक्त संचालन के लिए समाधान पर विचार करता है।

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मुख्य बिंदु

  1. राजनीतिक अस्थिरता

    • लोकतंत्र में चुनावी अस्थिरता और सरकारों की बार-बार परिवर्तन होने के कारण राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है।
    • यह प्रक्रिया निर्णय लेने में देरी और प्रशासनिक कार्यों में विघ्न डाल सकती है, जिससे विकास प्रभावित होता है।
  2. धन और शक्ति का असंतुलित वितरण

    • लोकतंत्र में यदि धन और शक्ति का असंतुलित वितरण हो, तो यह चुनावों और नीतियों में पक्षपाती व्यवहार उत्पन्न कर सकता है।
    • आर्थिक असमानता लोकतांत्रिक संस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिससे गरीब और वंचित वर्गों के लिए समान अवसरों की कमी हो सकती है।
  3. भ्रष्टाचार

    • भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में एक बड़ी चुनौती बन सकता है, जो सरकारी नीतियों और योजनाओं के सही तरीके से कार्यान्वयन में रुकावट डालता है।
    • यह चुनावी प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता में कमी आती है।
  4. समाजिक ध्रुवीकरण

    • लोकतंत्र में विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, और क्षेत्रीय समूहों के बीच असहमति और संघर्ष बढ़ सकता है।
    • समाज में विविधता के बावजूद, यदि सही दिशा में काम न किया जाए तो यह ध्रुवीकरण लोकतंत्र के लिए चुनौती बन सकता है।
  5. मतदाता जागरूकता की कमी

    • चुनाव में भाग लेने वाले मतदाताओं की जागरूकता और शिक्षा की कमी लोकतंत्र के अच्छे संचालन में रुकावट डाल सकती है।
    • अगर लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों को सही से नहीं समझते, तो वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से दूर हो सकते हैं, जिससे गलत प्रतिनिधित्व हो सकता है।
  6. गैर-जवाबदेह सरकारें

    • जब सरकारें अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह नहीं होतीं, तो लोकतंत्र में जनता का विश्वास कम हो सकता है।
    • यह स्थिति असंतोष और विरोध को बढ़ा सकती है, जिससे राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक समरसता में कमी आती है।
  7. भाषाई और सांस्कृतिक भिन्नताएँ

    • लोकतंत्र में विभिन्न भाषाई और सांस्कृतिक समूहों के बीच भिन्नताएँ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गहरी चुनौती प्रस्तुत कर सकती हैं।
    • यदि इन भिन्नताओं को समानता के साथ नहीं संभाला गया, तो यह समाज में तनाव और संघर्ष उत्पन्न कर सकता है।
  8. जनता की कमजोर भागीदारी

    • यदि नागरिकों की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदारी कम होती है, तो सरकारें जनकल्याण के लिए प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर सकतीं।
    • इसका परिणाम यह हो सकता है कि निर्णय लेने में जनता की राय और जरूरतों को अनदेखा किया जाए।

निष्कर्ष

"लोकतंत्र की चुनौतियाँ" अध्याय यह दर्शाता है कि लोकतंत्र में कई कठिनाइयाँ और समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार, समाजिक ध्रुवीकरण और मतदाता जागरूकता की कमी। हालांकि इन चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है, लेकिन यह आवश्यक है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सुधार किया जाए और लोगों को इसके महत्व और उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि लोकतंत्र प्रभावी रूप से काम कर सके।