UP Board भौतिक विज्ञान - अध्याय 1: वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र Handwritten Notes
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UP Board - कक्षा 12वी - भौतिक विज्ञान - अध्याय 1: वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र Handwritten Notes

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वैद्युत आवेश वह गुण है जो एक वस्तु को विद्युत बलों के प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता प्रदान करता है। जब दो वस्तुएं विद्युत आवेश से युक्त होती हैं, तो वे एक-दूसरे पर बल डालती हैं। विद्युत क्षेत्र उस स्थान को कहते हैं, जहां विद्युत बल की उपस्थिति होती है, और यह किसी आवेश पर कार्य करता है।

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मुख्य बिंदु:

  1. वैद्युत आवेश:

    • दो प्रकार के विद्युत आवेश होते हैं: सकारात्मक (Positive) और नकारात्मक (Negative)। समान प्रकार के आवेश एक-दूसरे को विपरीत दिशा में धकेलते हैं, जबकि विभिन्न प्रकार के आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
    • विद्युत आवेश की इकाई कूलॉम्ब (Coulomb) है।
    • कूलॉम्ब का नियम: दो बिंदु आवेशों के बीच बल उनके आवेशों के गुणनफल और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  2. विद्युत क्षेत्र:

    • विद्युत क्षेत्र उस स्थान पर विद्युत बल के अस्तित्व को व्यक्त करता है, जो किसी चार्ज पर कार्य करता है।
    • एक बिंदु आवेश द्वारा उत्पन्न विद्युत क्षेत्र उस आवेश से दूर की दिशा में फैलता है।
    • विद्युत क्षेत्र की दिशा: यदि आवेश सकारात्मक है, तो क्षेत्र रेखाएँ बाहर की ओर होती हैं, जबकि नकारात्मक आवेश के लिए ये रेखाएँ अंदर की ओर होती हैं।
  3. विद्युत विभव (Electric Potential):

    • विद्युत विभव किसी बिंदु पर उस स्थान पर इकाई आवेश को स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्य को दर्शाता है। यह किसी बिंदु पर ऊर्जा प्रति आवेश के रूप में व्यक्त किया जाता है।
    • विद्युत विभव का मात्रक वोल्ट (Volt) है।
    • विद्युत विभव अंतर: किसी दो बिंदुओं के बीच विभव अंतर, इन बिंदुओं पर कार्य के रूप में व्यक्त होता है।
  4. गॉस का नियम (Gauss’s Law):

    • गॉस का नियम विद्युत क्षेत्र की गतिकी को समझने में मदद करता है। यह कहता है कि किसी बंद सतह के अंदर स्थित कुल आवेश के हिसाब से उस सतह पर विद्युत क्षेत्र का फ्लक्स होता है।
    • यह नियम हमें विद्युत क्षेत्र और आवेश के बीच संबंध को समझने की क्षमता प्रदान करता है।
  5. मैदानी रेखाएँ (Field Lines):

    • विद्युत क्षेत्र रेखाएँ, विद्युत क्षेत्र की दिशा और उसके प्रभाव को दर्शाती हैं।
    • इन रेखाओं का घनत्व उस क्षेत्र की तीव्रता को प्रदर्शित करता है; अधिक घनत्व का अर्थ होता है एक मजबूत विद्युत क्षेत्र।

निष्कर्ष:

यह अध्याय विद्युत आवेश और विद्युत क्षेत्र की अवधारणाओं को स्पष्ट करता है, जो विद्युत बलों और उनके प्रभावों का अध्ययन करते हैं। विद्युत क्षेत्र के सिद्धांतों को जानने से हमें न केवल विद्युत बलों के कार्य करने के तरीके को समझने में मदद मिलती है, बल्कि यह हमें विभिन्न विद्युत घटनाओं को व्याख्यायित करने और उनकी गणना करने की सुविधा भी प्रदान करता है। विद्युत क्षेत्र और विद्युत विभव का अध्ययन विद्युतीय पोटेंशियल को समझने में भी सहायक है, जो विभिन्न विद्युत प्रक्रियाओं और उपकरणों के कार्य के आधार को निर्धारित करता है।

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